BITIYA HAMARI PYARI HAI

बिटिया हमारी प्यारी है...

BY AMIT ANANT

बिटिया मेरी एक गुड़िया है।
प्यारी सी जादू की पुड़िया है।
एकदम खुशियों में गुडिया है।
मन की भोली दुलारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

हँसने से उसके फूल बरसते।
एक हँसी को हमसब तरसते।
रोने से उसके बादल बरसते।
पापा की राज दुलारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

बेटी से ही खुशियां रहती है।
घर मे जब बिटिया रहती है।
आँगन में खुशियां बहती है।
खुशियों में सबसे न्यारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

बिटिया से आँगन खिलता है।
बेटी से माँ का प्रेम मिलता है।
मातपिता का मन खिलता है।
बेटियां होती संस्कारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

बेटी पिता की शान होती है।
ममता की पहचान होती है।
हर घर की सम्मान होती है।
बेटियां सब की दुलारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

हरदम आँगन महकाती है।
हाथों से आँगन सजाती है।
खुशबू से घर महकाती है।
बेटी आँगन की प्यारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

पढ़ लिख कुछ बन जाती है।
कुछ बनके वो दिखलाती है।
सब का जीवन महकाती है।
बेटियां सब को प्यारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

वो रोती है और रूलाती है।
वो हँसती है और हँसाती है।
वो पढ़ती है और पढाती है।
वो जीवन की आधारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

माँ को हरदम सताती है।
पिता को सब बताती है।
छोटो को वह पढाती है।
ममता की वो दुलारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

हर बेटी एक कहानी है।
ये जीवन की रवानी है।
हर घर की ज़िंदगानी है।
इस लिए बेटी दुलारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।

एक खूबी हो तो गिनवाये।
वो खूबियों का ढेर लगाये।
घर के द्वारो को महकाए।
बेटी में खूबियां हजारी है।
बिटिया हमारी प्यारी है।।



@Amit anant
        Delhi

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