DOSTI KE RANG
"दोस्ती के रंग"
BY AMIT ANANT
दोस्ती दिल से हो जाये तो बात निराली होती है।
दोस्ती महफ़िल में हो, तब रात दीवाली होती है।
दोस्ती दिल से दिल को हो तो क्या बात होती है,
दोस्ती दो दिलो के मिलन से बात मतवाली होती है।।
DOSTI KE RANG...दोस्ती एक सच्चा एहसास होता है और ये ऐसा एहसास होता है कि जिसको समझना बहुत कम दोस्तो को हो पाता है और सच्ची दोस्ती सभी से नहीं हो जाती हैं ये दोस्ती तो कुछ ही लोगों से होती है और जिस से सच्ची दोस्ती होती है उसके एहसासों को पूरी तरह समझ लेता है। और सच्ची दोस्ती में हजारों रंग होते है और बहुत बेहतरीन पलो के साथ मस्ती में जीवन चलता है और सच्ची दोस्ती के कई रंग और रूप हैं भी होते है..दोस्ती में बहुत सारे आस उम्मीद भी होती है और दोस्ती में एक दूसरे में बहुत विश्वास होता है।
कोई आस पर निभाते है तो कोई साथ में निभाते है दोस्ती
कभी कभी तो हँसाती है दोस्ती तो कभी रूलाती है दोस्ती
कभी टांग खिंचते है दोस्त तो कभी आँख मिचते है दोस्ती
कभी मस्ती करते है दोस्त तो कभी अच्छी लगती है दोस्ती
कभी खट्टेपन में होती है तो कभी बच्चे पन होती है दोस्ती
कभी नमकीन होती है तो कभी बेहतरीन होती है दोस्ती
कभी रंगों से सजती है तो कभी अंगों से फसती है दोस्ती
अलग अंदाज में होती है तो कभी एक अल्फाज है दोस्ती
कुछ सच्चे से निभाते है तो कुछ अच्छे से भुलाते है दोस्ती
आखिर सासों में है तो कभी एहसास से निभाते है दोस्ती
DOSTI KE RANG...दोस्त एक दूसरे का सच्चाई से साथ भी देते है दोस्तों की दोस्ती में कभी हँसना भी होता है तो कभी कभी रोना भी हो जाता है दोस्तो में कभी एक दूसरे के टांग खींचते है तो कभी उनकी आँखें में नमी भी होती है और दोस्तों में मस्ती बहुत अच्छी लगती है और दोस्तों में खट्टेपन का एहसास भी हो जाता है तो कभी कभी बच्चेपन का एहसास होता है और दोस्ती में कभी कभी खट्टी-मीठी और नमकीन सी बात भी होती है तो कभी सतरंगी रंगों से सज जाती है दोस्ती तो कभी मस्ती के रंगों में ढल जाती है और दोस्ती अपने आप में अलग और अनूठा एहसास होती है।
DOSTI KE RANG...दोस्ती के कुछ अलग अंदाज और रंग..भी देखने को मिलता है और दुनिया के ढेर सारे रंगों में से एक रंग दोस्ती का सबसे प्यारा और सुनहरा रंग होता है जी हां, और कई बार तो मामला जब एक सी पसंद का हो तो तुरंत हो जाती है दोस्ती। चाहे फिर बात खाने पीने की हो, या कपड़े, या रहने या उठने बैठने का हो या फिर पढ़ाई लिखाई या बिजनिस हो,या एक ही राइटर की लिखी हुई किताब हो,या एक ही कवि की कविताएँ पसंद करने का हो,या कोई भी शौक हो सकता है अगर एक दूसरे की कोई भी दो या चार चीजे मिलती है तो दोस्ती बहुत गहरी हो जाती है और ऐसे दोस्ती आखरी साँसों तक चलती है।
DOSTI KE RANG...लेकिन आज कल की दोस्ती की चाल अलग सी होती जा रही है। आज कल कुछ लोगों की दोस्ती में देखने को मिलता है कि ईर्ष्या एवं अपेक्षाकृत होती जा रही है और प्रेम भाव विश्वास जैसे भावों का समापन होती जा रही है जो दोस्ती एक ऐसी पवित्र बन्धन होता है दोस्ती में एक दोस्त दूसरे दोस्त के लिए अपनी जान की बाजी लगा देता है खुद दर्द को सह कर अपने दोस्त पर आँच नही आने देता है।
कुछ लोग दोस्ती मतलब के लिए करते है।
कुछ लोग दोस्ती तालब के लिए करते है।
ये दोस्ती बन गयी है एक मतलबी तोफा,
इस लिए लोग ग़फ़लत के लिए करते है।।
DOSTI KE RANG...ऐसे दोस्ती करने से दोस्ती जैसे पवित्र रिस्ते को दागदार हो जाता है जिस दोस्ती में केवल स्वार्थ औऱ नफरत हो अपेकक्षाये हो वो दोस्ती कभी भी कामयाब नही होती है। इस प्रकार की दोस्ती करके एक दूसरे के हृदय में सदैव पीड़ा के शिवा कुछ नही होता है।
दोस्ती के रंग हो।
जीवन के संग हो।
एक मिसाल बनो,
जीवन आनंद हो।।
DOSTI KE RANG...इस लिए दोस्ती ऐसे करना चाहियें कि दोस्ती की मिसालें बन जाये और दोस्ती की खुशबू से जीवन भर दोस्तो के जीवन मे महकती रहे।और जीवन मस्ती में चलता रहे।
"धन्यवाद"
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Delhi
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